गर्भधारण के लिए ओवुलेशन क्यों जरूरी है

गर्भवती होने का सबसे अच्छा समय कब है? ये सवाल हर महिला का होता है जो गर्भवती होना चाहती हैं. अगर आप जानना चाहते हैं कि ओवुलेशन गर्भधारण के लिए कितना जरूरी है तो इस लेख के जरिए जानने की कोशिश करें. इस लेख में हम आपको ओवुलेशन क्या है? और ओवुलेशन गर्भधारण के लिए कितना जरूरी है के बारें में बता रहे हैं. ओवुलेशन क्या है? ओव्यूलेशन (अंडोत्सर्जन) महिलाओं के मासिक धर्म का एक हिस्सा है। जब किसी महिला के अंडाशय (ovary) से अंडे निकलते हैं तो इस प्रक्रिया को ओव्यूलेशन कहते हैं. अंडोत्सर्ग के दौरान जब ये अंडे अंडाशय में बनते हैं तब ये शुक्राणु द्वारा फर्टिलाइज़ हो भी सकते हैं और नहीं भी हो सकते हैं. लेकिन यदि ये अंडे फर्टिलाइज़ हो जाते हैं तो महिला के फैलोपियन ट्यूब से जाते हुए गर्भाशय में आ जाते हैं जिसके कारण महिला गर्भवती हो जाती है. लेकिन जब ये अंडे फर्टिलाइज़ नहीं हो पाते हैं तो टूट हो जाते हैं और और महिला को मासिक धर्म शुरू हो जाता है. गर्भधारण के लिए ओवुलेशन क्यों जरूरी है? ओवुलेशन महिलाओं के प्रजनन चक्र का ही एक भाग है । इस दौरान ओवरी से एक अंडा बाहर निकल कर फेलोपियन ट्युब में जाता है. जहां 12-24 घंटे के भीतर अगर ये स्वस्थ स्पर्म (शुक्राणु) के साथ मिल जाए तो ये फर्टिलाइज्ड हो जाता है. फर्टिलाइज्ड  होने के बाद फीमेल ऐग गर्भाशय में जा कर सेटल हो जाता है जिससे कई तरह के हार्मोन का विकास होने लगता है जिसके फलस्वरुप मासिक धर्म रुक जाएगा इसतरह आप गर्भवती हो जाती हैं. अगर अंडा फर्टिलाइज नहीं होता है तो एक नए चक्र के साथ आपको पीरियड्स होना शुरू हो जाते हैं. फर्टाइल होने की सबसे आधी संभावना - कुछ मामलों पीरियड्स होने के बाद भी अंडा 24 घंटे तक सही स्थिति में रह सकता है , लेकिन शरीर में रह जाने वाले कुछ स्पर्म महिला के शरीर में पांच दिन तक रहते हैं। साथ ही आप मासिक धर्म के छठे दिन प्रेग्नेंट होने की संभावना हो सकती है। ये चक्र हर महिला के लम्बे दिन तक चलने वाले मासिक धर्म पर निर्भर करता है। लेकिन ओवुलेशन से दो या तीन दिन पहले या उसीदिन फर्टाइल होने का सबसे सटीक समय होता है। तो प्रेग्नेंट होने के लिए ये समय भी ख़ास होता है। content source  image source 

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